मारो, मारो, मेरी मारो, अहा मारो ! ! !

उई मारो, उई – – अहा ! उई मारो, उई

घप्प-घप्प, – – – –    मैं  तो मस्त   हुई ! !

चख-चख-चख  लेओ मेरी जवानी

गरम-गरम,  बेशरम जवानी

कभी चित, कभी पुट; कभी आगे, कभी पीछे

झट उलट-पुलट, चढ़ ऊपर, घुस नीचे

मसल मम्मों के कबूतर

और चुंची को कुतर

चू-चू  चू त, चू-चू  चूतड़

फुद्दी-गांड  को  रगड़

धर इंजेक्शन,   मारो रे सुई ! !

उई मारो उई, अहा ! उई मारो उई ! !

 

लग-लग-लग लाला लंड लड़ा ले

चू चू चू चू चूत चुंसा ले

चढ़ के कमरिया पे

मार-मार झटका

अपना लौड़ा, फुद्दी फंसा ले

जम कर की  राजा चोदाबाटी

देख मेरी गांड, तेरी अंगुली गई

उई मारो, उई आहा — – उई मारो उई ! !

 

गिन गिन गिनती सतरह, सोलह

चिपट-चिपट मेरी जांघ पे सो ले

गिन गिन गिनती पंद्रह, चौदह

तेरा लौड़ा मुझको चोदे

चौदह बरस की मुन्नी मरानी

पंद्रह-सोलह उमर  सुहानी

नंगी जवानी खुल्ली नंगी जवानी

घुसड़-फुसड़ मेरी भोसड़ी, मद चुई

उई मारो, उई , आहा उई मारो उई

घप्प-घप्प,  —-  छोरी मस्त हुई ! ! !

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charudatt

Male, 54-years; Pretty sexy. I usually Watch obscene dances and write lyrics in Hindi for such performances. About 14 sexy poems have been published on mastaram.net कामुक पुरुष, 54 वर्ष। नृत्य-नाट्य व नाटकों के लिए अश्लील गीत व संवाद लेखन; कोई 14अश्लील कविताएं मस्तराम.नेट ( mastaram.net ) पर प्रकाशित