दिपा दिदी के साथ सुहागरात

मै राहुल आज आपलोगो को एक सच्ची दास्तान बताने जा रहा हु, ये बात तकरिबन 2-3 साल पहले की है ! मेरी उम्र 18 साल के आसपास थी जब मेरी बड़ी बहन दिपा की शादी तय हुई, दिदी की शादी एक फ़ौजी के साथ कर दी गयी ! शादी घर के पास के होटेल से हुई और रात 11:30 बजे तक सारे अतिथि खा पिकर चले गये जबकि बारात खाने के बाद होटेल के कमरे मे सो गये ! मै अपनी दिपा दिदी के बारे मे आप लोगो को बता दु, रंग़ गोरा, लम्बाई 5 फ़ीट 4 इंच, छरहरा बदन के साथ मध्यम आकार की दो चुचि, उनके चुत्तर मांसल और गददेदार थे जिनकी फ़ांक खरबुजे की फ़ांक कि तरह थी ! शादी की रात सब काम निपटाकर खाना खाया और होटेल के एक कमरे मे ही सोने के लिये चला गया !

अभी कमरे के बेड़ पर गया ही था की मेरी मोबाईल बजने लगी, देखा तो दिपा दिदि का काल था ! मै दिदि से बात करने लगा तो वो मुझे अपने कमरे मे बुलाई, सुहागरात को दिदी को मेरी जरुरत, मै उनके कमरे मे गया तो फ़ौजी जिजा सो रहे थे और कमरे से शराब की बदबु भी आ रही थी ! मै बोला……. ” दिपा दिदी क्या बात है बताओ

(दिपा) देखो ना भाई तुम्हारे जिजा दारु पीकर लुढ्क गये है

(राहुल) दिदी सो गये है तो तुम भी सो जाओ ना

(दिपा) इस रात का इंतजार बेसब्री से मुझे था लेकिन इनको तो दारु पीने की पड़ी थी

(राहुल) दिदी अभी मै चलता हु निंद आ रही है

(दिपा) नही भाई आज तुम ही मेरे साथ

(राहुल) तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है कहि भाई और बहन के बिच भी ऐसा होता है. ” लेकिन दिपा तभी मेरे सिने से लग गयी और उसको लाल रंग़ के लह्णगा और चोली मे देखकर मेरा मन खराब हो चुका था ! दिपा की बड़ी-2 चुचि मेरे सिने से चिपक रही थि तो दिदी मेरे गाल को चुमने लगी, अब हमदोनो बिस्तर पर आ गये और मै उसके चोली की ड़ोरी को खोल दिया, दिपा की चुचि सही मे भरे पुरे दिख रहे थे ! सुहागसेज पर दिपा दिदी लेटी हुई थी तो मै उसपर औंध कर उसके लह्णगा को खोलने लगा, वो पेंटी और ब्रा पहने सो रही थी ! मै अब दिपा दिदि के जिस्म पर औंध कर ओंठ चुमने लगा तो दिदि मेरे गर्दन को पकड़े अपनी जिभ मेरे मुह्न मे भर दी, दिदी की चिकनी बदन पर लेटे उसके जिभ को चुस रहा था तो दिदी का स्तन मेरे सिने से चिपक रहा था ! पल भर बाद वो अपना जिभ निकाल ली तो मै दिदी के ब्रा को उत्तार फ़ेंका, उनके स्तन पर भुरे रंग़ की निप्पल सेक्सी लग रही थी ! मै दिपा दिदि के चुचि को चुसता हुआ उसकी दुसरी चुची को मसल रहा था और दिदि……. “ऊह्हह ऊम्म राहुल और तेज चुसो ना मेरी चुचि आह ओह्हह्ह

(राहुल दुसरी चुचि मुह्न मे भरता हुआ) दिदि धीरे बोलो कहि जिजा की निंद खुल गयी ना

(दिपा) जगने दो साले को कम से कम देख तो ले कि उसकी बीबी कैसे सुहाग रात मना रही है. ” मै दिपा के दोनो स्तन को चुसकर लाल कर दिया !

दिपा दिदि के साथ सुहागरात मना रहा था जबकि जिजा दारु के नशे मे निढाल थे, अब दिदि के कमर के पास बैठ्कर उनके लाल रंग़ के पेंटी को खोल दिया, दिदि शर्म से अपने जङ्हा को एक दुसरे पर चढाकर अपने बुर को छुपा रही थी ! अब दिदि के मोटे-2 जङ्हा पर झुककर चुम्बन देने लगा और वो सिसक रही थी जबकि उनकी दोनो जङ्हा दो दिशा मे फ़ैलने लगी, दिदि की चुत देख मुह्न मे पानी आने लगा तो मै दिदि के मांसल चुत्तर के निचे तकिया लगाकर उनके दोनो जङ्हा को कसकर पकड़े रखा और अपना मुह्न उसके चुत पर लगा दिया ! दिदि कि बुर ब्रेड़ पकोड़े की तरह फ़ुली हुई थी तो मै उसपर चुम्बन देता हुआ मस्त हो रहा था, मेरा मुसललंड़ चड़्ही के अंदर फ़नफ़ना रहा था जबकि दिपा अपने बुर को उंग़ली की मदद से फ़लकाने लगी, मेरा जिभ दिदि की चुत को चाट रहा था ! अब मै दिदि की बुर को जिभ से चोदने लगा तो दिपा चिखने लगी…. “और चोद मेरी बुर को मेरे भाई आह्ह ऊह्हज्ज मेरी बूर को जिभ से चोद-चोदकर रसिला बना दे. ” मै दिदि कि चुत को मुह्न मे लेकर चुसा और फ़िर बाथरूम चला गया ! अब दिदि सुहागसेज पर नण्गी लेटी हुई थी और मै उनके मुह्न के पास बैठ्कर अपना लंड़ उनकी मुह्न मे ड़ाल दिया और दिपा मस्ती मे मेरे लंड़ को लोलिपोप की तरह चुभलाने लगी, पल भर बाद दिपा मेरे लंड़ को जिभ से चाट्ने लगी और फ़िर दुबारा मुह्न मे लंड़ लेकर चुसने लगी, मै उसके मुह्न मे लंड़ का झट्का देने लगा और फ़िर मेरा लंड़ चुदाई के लिये तैयार था !

दिपा दिदि अपने दोनो पैर को फ़लकाए चुदने के लिये आतुर थी तो मै अपना मुसललंड़ उसके बुर के मुहाने पर रखा और धीरे-2 अपना लंड़ दिपा की बुर मे पेलने लगा, 1/2 लंड़ घुसने के बाद वो दर्द से परेशान थी लेकिन मै तभी उनके कमर को थामे एक जोर का झट्का बुर मे दिया, वो चिहुंक उठी……. “ऊह्हज आह्हह कितना मोटा लंड़ है तेरा मैरी तो बुर ही फ़ट जायेगी. ” मै दिपा की बुर मे लंड़ ड़ाले चुदाई करने लगा, उसके बड़े-2 स्तन को मसलता हुआ उसको अपने मुसललंड़ से चोद रहा था ! अब दिपा दिदि के खुबसुरत जिस्म पर सवार होकर चुदाई कर रहा था तो दिदि मेरे गाल और ओंठ को चुमते हुए मस्त हो रही थी, मै तेज चुदाई करता हुआ बोला……. “दिदि मजा आ रहा है ना

(दिपा) बहुत मजा आ रहा है भाई आह और तेज चोदो ना

(राहुल) तुम जरा अपने गांड़ को तो उच्हालो फ़िर देखना मजा. ” अब दिपा अपने गददेदार चुत्तर को उपर निचे करने लगी तो मै दिदि को चोद-चोदकर मस्त हो रहा था, लग्भग 15 मिनट से दिपा की बुर को चोद रहा था, दोनो हांफ़ रहे थे और फ़िर मै बोला……. “ऊह्ह आह्ह दिदि मेरा विर्य झड़्ने पर है

(दिपा) आह्ह राहुल मेरी बुर भी रस फ़ेंकेगी आह्हह्ह. ” फ़िर मेरा लंड़ दिदि की बुर मे विर्यपात करा दिया तो दिदि कि बुर भी रस फ़ेंक दी, मै उनके ओंठ को चुमकर बोला…… “दिदि तेरी सुहागरात तो मेरे साथ हो गयी लेकिन जिजा तो

(दिदि) वो उठ्कर हस्तमैथुन करेगा. ” उस रात दिदि को दुबारा चोदा…..

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Linga11

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