शिल्पी: माय सेक्सी स्टूडेंट

हेलो दोस्तों मेरा नाम अजय है मैं इंजीनियरिंग कॉलेज में मैथ्स का टीचर हूँ. मेरी उम्र ३२ साल है और मेरी शादी अभी तक नहीं हुई है.
मैं अपने स्टूडेंट्स को लगन के साथ पढ़ाता हूँ और कोई स्टूडेंट जब पढाई पर ध्यान नहीं देता तो मैं उनको समझाता भी हूँ. ऐसी ही मेरी 1st ईयर की एक स्टूडेंट है शिल्पी, जिसका पढ़ने लिखने में ध्यान नहीं रहता. कई बार मैंने उसे टोका है.
मिड टर्म का रिजल्ट आने वाला था. मैं स्टूडेंट को पर्सनली उनके रिजल्ट बताता हूँ और इम्प्रूवमेंट के आइडियाज भी देता हूँ
मैंने शिल्पी को अपने केबिन में बुलाया. शिल्पी २३ साल की जवान लौंडिया है.फिगर ३८-३०-३८ होगा. बड़ी बड़ी चूचियां और बाहर निकली हुई चौड़ी गांड किसी का भी मूठ निकल सकती है. कॉलेज के यूनिफार्म में वो और भी सेक्सी लगती है.. टाइट शर्ट से उसकी आमो के साइज का पूरा पता चलता है और उसपे कसी हुई स्कर्ट जो उसकी विशाल चुत्तड़ो को और कातिलाना बनाती है..

शिल्पी: मे आई कम इन सर
मैं: आओ शिल्पी…. शिल्पी ये रहा तुम्हारा मैथ्स का पेपर

पेपर देखते ही वो रोने लगी क्युकी वो मैथ्स में फ़ैल हो गयी…

शिल्पी: सर अपने तो मुझे फ़ैल कर दिया
मैं: मैंने नहीं शिल्पी.. जो तुमने लिखा है उसीपर मार्क्स मिला है
शिल्पी: पर सर मैं मैथ्स में फ़ैल हो गयी तो मेरा सेमेस्टर ड्राप हो जायेगा
मैं:पर शिल्पी मैं कुछ नहीं कर सकता इसमें
शिल्पी:प्लीज सर कुछ तो करइऐ … कुछ पैसा लेकर मार्क्स बढ़ा दीजिये
मैं: शिल्पी तुम्हारी हिम्मत कैसी हुई मुझे पैसा देने की… मेरी बात अगर सुरु से मानी होती तो ये नहीं होता…
शिल्पी: सॉरी सर…प्लीज आप ही कुछ कर सकते है
मैं: अब मैं कुछ नहीं कर सकता हूँ
शिल्पी: अब भी नहीं…

शिल्पी ने अपनी शर्ट का एक बटन खोल दिया.. उसकी चूचियों का क्लीवेज दिखने लगा….मेरा हालत ख़राब होने लगी…
शिल्पी: सर अब भी कुछ नहीं हो सकता..
शिल्पी ने दूसरी बटन खोल दी.. अब उसकी चूचियां २५% तक नंगी मुझे दिखने लगी..ऐसा लग रहा था उसकी चूचियां शर्ट फाड़ कर बाहर आ जाएगी.. साली ब्रा भी नहीं पहनती थी..
मैं: मैं कुछ कर सकता हूँ… पर यहाँ नहीं तुम्हे मेरे घर चलना होगा
शिल्पी मेरी बातों को समझ गयी… शिल्पी: ठीक है मैं चलूंगी पर मैं पास तो हो जाऊँगी न
मैं: उसके लिए मुझे फिर से टेस्ट लेना होगा…
शिल्पी: ठीक है सर मैं रेडी हूँ

मैंने उसे अपने कार में बैठाया और अपने घर ले आया.. घर घुसते ही मैंने शिल्पी को दिवार से सटा दिया और उसकी गर्दन में किश करने लगा.. और अपना खड़ा लंड उसकी भारी चुत्तड़ो में रगड़ने लगा… शिल्पी सिर्फ अह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊ की आवाज निकल रही थी.. मैंने उसकी चूचियों को पकड़ कर दबाना सुरु कर दिया….

शिल्पी: ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सर… और दबाइऐ इन्हे
मैं: साली रंडी कितनी बड़ी बड़ी चूचियां हो गयी है तेरी… किस किस से दबवाती हो कॉलेज…..
शिल्पी: मेरे बॉयफ्रेंड ने दबा दबा कर बढ़ा कर दिया है
मैं: फिर तो चुदी भी होगी…
शिल्पी : नहीं सर… वर्जिन हो अभी तक… लगता है आपके नसीब में ही था मेरी सील तोडना
मैं: कोई नहीं जानेमन आज कैसे बूर फाड़ता हूँ तेरी…

मैंने उसकी शर्ट फाड़ कर अलग कर दी… उसकी चूचियां हवा में उछाल रही थी…. एक एक चूचियां ५-५ किलो थी साली की…. एक हाथ में आ ही नहीं रही थी… मैं उसकी चूचियों को खूब दबाया और चूसा….

शिल्पी: अह्ह्ह्हह्हह सर… मजा आ रहा है…
मैं: साली कितनी बड़े बड़े आम है तेरा… मजा आ गया इन्हे मसल कर..
शिल्पी: ओह्ह्ह्हह उईईईईई…
मैं: शिल्पी चलो अब लंड चुसो…
शिल्पी: ठीक है सर

शिल्पी ने मेरा लंड बाहर निकला और चूसने लगी… किसी लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड चूस रही थी… १० मिनट की चुसाई में मेरा माल निकल गया…

शिल्पी: बहुत जालिम लंड है सर आपका… मैं कैसे लूंगी इसे..
मैं: टेंशन ना लो बहुत आराम से पेलुँगा तुझे…
शिल्पी को मैं अपने बिस्तर पर ले गया और उसकी स्कर्ट उतर दी… क्या चिकनी टाँगे थी…उसकी गोरी गोरी मोटी टांगो को मैं चूमने लगा… फिर उसकी चड्डी भी उतर दी… उसकी बूर में एक भी बाल नहीं थी…बहुत ही चिकनी और सुंदर चुत थी… मैं उसकी बूर को चूसने लगा……. वो काफी तेज मॉनिंग कर रही थी…

शिल्पी: अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह सर प्लीज बस करो अब… डाल दो अपना मोटा लंड
मैं: उफ्फ्फ शिल्पी कितनी प्यारी बूर है… थोड़ा गिला तो करने दे…
शिल्पी: उईईईईई सर अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा है…. जल्दी से अपने मोटे लंड से चोदिये मुझे

मैंने अपना लंड शिल्पी की बूर के फांको में रखा और धीरे से पेल दिया… उसकी चुत काफी टाइट थी… अभी मेरा सिर्फ सुपाड़ा ही अंदर गया और वो चिल्लाने लगी…

शिल्पी: उईईईईई आईईईई माँ मर गयी सर… बहुत दर्द हो रहा है…
मैं: शिल्पी तेरी सील टूट रही है…. आज तो फटेगी तेरी बूर

मैंने लंड बाहर खींचा और एक और जोरदार धक्का मारा इसबार लंड आधा बूर में चला गया… फिर मैंने २-३ और धक्को में मेरा लौड़ा शिल्पी की बूर में पूरा डाल दिया… शिल्पी की आँखों से आंसू आ गए…१० मिनट बाद शिल्पी ठीक हुई तो मैं धीरे धीरे उसे चोदने लगा… अब वो भी चुदाई का मजा ले रही थी…

मैं: उफ्फ्फ्फ़ शिल्पी क्या माल है तू… बहुत मजा आ रहा है तुझे चोद कर
शिल्पी: आअह्हह्ह्ह्ह सर… मेरी भी तमन्ना थी की किसी मोटे लंड से ही चुदु…
मैं: बहुत बड़ी रंडी है साली तू… खा मेरा पूरा लंड
शिल्पी: ओह्ह्ह्हह्ह … अह्हह्ह्ह्ह … सर थोड़ा तेज चोदो मुझे…

मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी.. मेरा लंड घाचा घच शिल्पी के बूर में जा रहा था… फिर मैंने शिल्पी को डॉगी स्टाइल में लिया और पीछे से उसकी बूर में लंड पेलने लगा… उसकी बड़ी गांड को पकड़ कर चोदने में बहुत मजा आ रहा था..

शिल्पी: ओह्ह्ह्हह सर.. चूचियों को दबा दबा कर चोदिये
मैं: उफ्फ्फ्फ़ हाँ साली

मैंने शिल्पी की चूचियों को पीछे से पकड़ लिया और दबाने लगा…मेरा लंड उसकी बूर की दनादन चुदाई कर रहा था… वो काफी लाऊड मॉन कर रही थी.. मैं उसकी भारी चुत्तड़ो को पकड़ कर उसकी चुदाई कर रहा था…

शिल्पी: ओह्ह्ह्हह सर फ़क मी मोर… फ़क मी हार्डर हार्डर…..
मैं शिल्पी की बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर पीछे से चोद रहा था.. फिर हमदोनो खल्लास हो गए…
फिर थोड़ी देर बाद मैंने शिल्पी को उसका पेपर दिया और उसमे एक -दो सम और करवा दिए .. इसतरह मैंने उसे पास करवा दिया..
शिल्पी अब प्राइवेट टूशन के बहाने मेरे घर आती है और मैं उसे खूब चोदता हूँ

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