वैशाली दीदी

दोस्तों मैं रोहित हूँ, मेरी उम्र २१ साल है.
एक बार मैं अपने कजिन वैशाली की शादी अटेंड करने गया. शादी दिल्ली में एक ४ स्टार होटल में थी. शादी बड़े धूम धाम से ख़तम हुई. उसी रात मुझे चाँदनी दीदी का फ़ोन आया की मैं जल्दी से उनके रूम में आओ. मैं सोचने लगा की आज दीदी की सुहागरात है, और इतनी रात मुझे क्यू बुला रही है.
उस समय रात के १ बजे थे, मैं उनके कमरे में गया तो देखा दीदी बेड पर रेड कलर की साड़ी पहन कर बैठी है और जीजाजी सोफे पर लेटे हुए थे.

मैं: क्या हुआ दीदी अपने इस वक़्त मुझे बुलाया
दीदी: देख ना भाई, आज हमारी सुहागरात है तेरे जीजाजी अपने दोस्तों के साथ दारू पीकर आये है और सोफे पर ही आउट हो गए
मैं: ठीक है दीदी मैं देखता हूँ

मैंने जीजाजी को बहुत हिलाया और उठाने की कोशिश की पर वो नहीं उठे.

मैं: दीदी जीजाजी तो पूरा टाइट है, अब सुबह ही उठने वाले है
दीदी: ओह्ह्ह्हह भाई… अब मैं क्या करुँगी अकेले.. आज तो मेरी सुहागरात है

दोस्तों मैं आपको वैशाली दीदी के बारे में बताना भूल गया. दीदी की उम्र ३० साल है, दिखने में गोरी और सुन्दर है. दीदी की हाइट लम्बी और बदन भरा हुआ है. दीदी का फिगर तो बहुत ही जबरदस्त है, ३८-३०-४०. दीदी ने आज लो कट ब्लाउज पहना हुआ था, जिसका बैक पूरा ओपन था. दीदी की चूचियां बड़े बड़े आमो के जैसी रसीली थी. रेड कलर की साड़ी में उनका गोरा बदन और भी सेक्सी लग रहा था.

मैं: दीदी आप भी सो जाओ… मैं चलता हूँ
दीदी: नहीं भाई आज मुझे नींद नहीं आएगी.. कितने सपने देखे थे मैंने इस रात के लिए.. सब चूर चूर हो गए… भाई मेरे साथ यही बैठ थोड़े देर
मैं: ठीक है दीदी… आप टेंशन ना लो..
दीदी: तुझे पता है भाई आज तक मैंने किसीको अपना बदन छूने नहीं दिया… क्यूकी मैं सुहागरात के लिए बचा के रखना चाहती थी..
मैं मन ही मन सोचने लगा मतलब दीदी वर्जिन है, पर ये सब वो मुझे क्यू बता रही है
दीदी: भाई अब मैं और इंतजार नहीं कर सकती, आज तो मैं सुहागरात मन के रहूँगी
मैं: पर दीदी जीजाजी तो आज नहीं उठने वाले है
दीदी: तेरे जीजाजी नहीं तो क्या तू मनाएगा मेरे साथ सुहागरात
मैं: मैं कैसे दीदी… आप तो मेरी बहन हो
दीदी: भाई आज मुझे अपनी दीदी नहीं बीवी समझ.. और वो सब कर जो मर्द अपनी बीवी के साथ करता है…
मैं: पर दीदी मैं ये नहीं कर सकता…
दीदी: अब भी नहीं कर पायेगा

दीदी ने अपना पल्लू गिरा दिया. उफ्फ्फ्फ़ क्या नजारा था. ब्लाउज का गला काफी बड़ा और डीप था, जिससे उनका क्लीवेज काफी दिख रहा था. दीदी की तरबूज के जैसी बड़ी बड़ी चूचियां ब्लाउज में कसी हुई किसी पहाड़ के जैसी लग रही थी. जो दीदी की सांसो के साथ ऊपर निचे हो रही थी. मेरी सांसे तेज हो रही थी और लंड अकड़ रही थी.
दीदी: अब भी नहीं मानेगा क्या मेरा भाई
दीदी पूरी तरह आगे की ओर झुक गयी, अब उसकी गोरी चूचियां आधे से ज्यादा नंगी दिख रही थी. मेरा लंड पूरा खड़ा हो चूका था.. दीदी ने मेरे पैंट में बने तम्बू को देख लिया
दीदी: अच्छा तेरा मन नहीं है तो फिर तेरा हथियार क्यों तैयार हो रहा है
मैं: नहीं दीदी ऐसा कुछ नहीं है
दीदी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और पैंट के ऊपर से सहलाने लगी.. मुझे अच्छा लगने लगा. फिर दीदी ने पैंट उतार दी और मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगी. मेरा ८” का मोटा लंड देखकर दीदी की ऑंखें खुली रह गयी..
दीदी: उफ्फ्फ भाई तेरा लंड तो बहुत बड़ा है… आ जा इसकी अकड़न दूर कर देती हूँ
दीदी ने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और सक करने लगी. दीदी की कामुक चुसाई मेरा लंड बर्दास्त नहीं कर पाया और जल्दी ही झड गया
मैंने अब दीदी को पीछे से पकड़ लिया और उनकी बैक पर किश करने लगा. मैंने अपना हाथ पीछे से दीदी की ब्लाउज में डाल दिया और उनकी चूचियों को मसलने लगा, बहुत ही बड़ी और भरी हुई गुदाज चूचियां थी. फिर मैंने उनकी भारी चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा. दीदी बहुत तेज आहे भर रही थी.. अह्ह्ह्हह्हह भाई.. मसल दे भाई इन चूचियों… मैंने दीदी का ब्लाउज एक झटके में फाड़ दिया, ब्लाउज का हुक एक एक करके निचे गिर गए. अब दीदी की तरबूज जैसी चूचियां पूरी नंगी थी, जो बहुत ही भरी और कसी हुई थी. मैंने चूचियों को अपने हाथो में थाम लिया और जोर जोर से दबाने लगा….. अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उउउउउउउ भाई… कितना मसलेगा भाई चूचियों को थोड़ा चूस भी ले.. मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा.. दीदी की बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर चूसने में बहुत मजा आ रहा था… दीदी की मॉनिंग काफी तेज हो गयी थी. बहुत देर तक मैंने दीदी की चूचियों को दबाया और चूसा..
फिर मैंने दीदी की साड़ी उतार दी और पेटीकोट भी. मैंने दीदी को नंगा करके उसके बिस्तर पर लिटा दिया.. मैं दीदी की मोटी मोटी चिकनी टांगो को सहला और चुम रहा था. मेरी नजर दीदी की क्लीन शेव्ड चुत पर थी. मैं दीदी की बूर को चूसने लगा.. अब दीदी का कण्ट्रोल ख़तम होने लगा… भाई चोद अपनी बहन को जल्दी…
मैंने दीदी की बूर के फांको को फैलाया और अपने लंड का सुपाड़ा फिट किया. फिर मैंने एक जोर का धक्का मारा. लंड दीदी की बूर को चीरता हुआ ४” इंच घुस गया.. दीदी की आँखों में आंसू आ गए, वो छटपटाने लगी.. पर मैंने अपनी पकड़ नहीं छोड़ी और लंड को पूरा बाहर खींचा और जोर का धक्का फिर मारा, अब लंड दीदी की बूर को फाड़ता हुआ पूरा घुस चूका था. दीदी को काफी तकलीफ हो रही थी… दीदी: उईईईईई माँ भाई मर गयी..
मैं: दीदी अब आपकी बूर फट गयी… आपकी सील तोड़ दी आपके भाई ने
थोड़ी देर बाद दीदी का दर्द कम हुआ तो मैं धीरे धीरे शॉट मारने लगा. अब दीदी भी मेरा साथ दे रही थी, हर शॉट के साथ दीदी की आहे बढ़ रही थी. मैं दीदी की चूचियों को दबा दबा कर चोद रहा था. वैशाली दीदी बहुत तेज मॉन कर रही थी.
दीदी: आह्ह्ह्हह्ह भाई… मार डाला रे तूने… उउउउउउउउ ईईईई
मैं: दीदी थोड़ा धीरे जीजाजी उठ सकते है
दीदी: उठने दो साले को वो भी देखे कैसी उसकी बीवी चुद रही है… ओह्ह्ह्हह भाई.. तो बस चोदे जा अपनी बहन को… आज फाड़ दे मेरी बूर
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी…. ऐसी टाइट चुत मारने में बहुत मजा आ रहा है…
दीदी: आआह्ह्ह्हह भाई… फ़क मी डिअर… मेक मी योर वाइफ…

मैं दीदी की चूचियों को चूस चूस कर चोद रहा था. वैशाली दीदी भी मेरे लंड पर कूद कूद कर चुदवा रही थी. दीदी की बाउंस होती विशाल चूचियों को दबा दबा कर चोद रहा था….. अह्ह्ह्हह्हह उउउउउ भाई फ़क मी बेबी… ओह्ह्ह्हह्ह
फिर मैंने पोजीशन चेंज की और दीदी को डॉगी स्टाइल में आने को कहा. अब दीदी मोटी चौड़ी गांड मेरे सामने थी. मैंने दीदी की चुत्तड़ो को थप्पड़ मार कर लाल कर दिया..
मैं: उफ्फ्फ दीदी क्या भारी गांड है आपकी…
दीदी: साले तेरी नियत सही नहीं लग रही है… चल जल्दी से अपना लंड मेरी बूर में डाल और फिर से ठोक अपनी दीदी को
मैं: ठीक है दीदी… पर दीदी बहुत गदरायी चुत्तड़ है आपकी.. मुझे आपकी गांड भी मारना है
दीदी: मार लेना भाई फिर कभी… पहले अपनी बहन की चुत शांत करदे

मैंने अपना लंड फिर दीदी की बूर में लगाया और पूरा पेल दिया एक ही बार में….. ओह्ह्ह्हह्ह भाई क्या तगड़ा शॉट मारा है….. फिर मैं दीदी की चौड़ी गांड को पकड़ अपना लंड दीदी की बूर में पेल रहा था… अह्ह्ह्हह उउउउउउ भाई… और चोद भाई…. अह्ह्ह्हह
मैं दीदी की झूलती चूचियों को दबा दबा कर पीछे से चोद रहा था. २० मिनट मैंने दीदी को डॉगी स्टाइल में पेला. फिर मैंने दीदी को लेटा दिया और उनके ऊपर चढ़ कर चोदने लगा…..
अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह भाई… अच्छे से मना भाई अपनी बहन के साथ सुहागरात…. फ़क मी डार्लिंग… मेरी लंड अब तेजी से दीदी की चुदाई करने लगा… अब हमदोनो क्लाइमेक्स पर पहुंच गए थे…
दीदी: आह्ह्ह्हह रोहित मेरे भाई और तेज चोद…. मैं झरने वाली हूँ…. फ़क मी रोहित…….. आई ऍम योर रंडी बेबी… प्लीज फ़क मी डीपर… मेक मी कम डार्लिंग….
मैं: अह्हह्ह्ह्ह मेरी रांड दीदी…. मेरे गिरने वाला है… अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह दीदी
फिर मैं दीदी के बूर पर जोर से झड गया. हमदोनो का नंगा बदन पूरा पसीने से लथपथ हो गया था… और दीदी की चेहरे पर एक मुस्कान नजर आ रही थी.
१ घंटे बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया… मैंने देखा दीदी नंगी सो रही थी… मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया और फिर से चोदने लगा……

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