अपनी मम्मी को चोदा

अपनी मम्मी नेहा के नग्न जिस्म को देख लंड़ को हिलाया था.
उनके गदराए बदन पर चुची हो या चुत्तर, सब आंखो मे जैसे समा चुके थे! अब उनको कपड़े मे भी देखता तो भि मुझे नण्गे ही दिखती और उनके बारे मे जानकर मेरा मन भी उनको चोदने को होने लगा ! एक दिन मुझे पड़ोस कि चाची माया बाज़ार मे मिली तो दोनो एक साथ एक-2 काफ़ी का मजा लेने लगे और वो मुझे बोली….. “राहुल तुमहारे बारे मे नेहा को सब कुच्ह बता दी हू

(राहुल) तो आपकी सहेली क्या बोली

(माया) बोली की है तो ये सब गलत लेकिन मौज-मस्ती भी तो जरुरी है

(राहुल) मतलब कि अगर मम्मी को घर पर अकेले मे छेड़ु तो बुरा नही मानेगी

(माया) आजमा के देख लो वैसे वो एक नम्बर की चुदक्कर औरत है ! ” मै घर पर शाम के समय अकेले बोर हो रहा था, पापा अपने किसी मित्र के यहा गये हुए थे, सोचा कि अकेले मे थोड़ा आजमाया जाय!

नेहा किचन मे खाना पका रही थी और मै हल्के कदम से किचन घुसा और अपनी मम्मी को पिच्हे की ओर से पकड़ लिया, मेरे मजबुत हाथो के घेरे मे वो फ़ंस चुकी थी! मेरा हाथ उनके कमर को कसकर पकड़े था और मेरा लंड़ उसके चुत्तर पर धंस रहा था, वो मुझे बोली….. “राहुल क्या बात है अपनी मम्मी पर बहुत प्यार आ रहा है, पैसे खत्म हो गये क्या

(राहुल) नही तो. ” और मेरा हाथ उनके स्तन पर चला गया, गोलाई को मसलता हुआ उनके गर्दन को चुमने लगा और वो सिसकने लगी….. “ऊह्ह राहुल ये क्या कर रहे हो आह्ह. ” और मै अपनी मम्मी के स्तन को दबाता हुआ उनके गाल को चुमने लगा, मेरा लंड़ उसकी गांड़ पर चुभने लगा और नेहा मुड़ गयी ! वो अब मेरे सिने से लगकर मेरे गाल को चुमने लगी और मेरा हाथ उनके नितम्ब पर घुम रहा था, नेहा की चुची मेरे छाती से रगड़ खा रही थी और वो मेरे ओंठ को चुसने लगी, फ़िर मम्मी ने अपना जिभ मेरी मुह्न मे घुसेड़ दिया! दोनो किचन मे एक दुसरे से लिपटे मजे ले रहे थे….. फ़िर दोनो हाल मे आ गये!

मेरी मम्मी मेरे सामने खड़ी थी और मुझे देखते हुए वो अपने साड़ी और पेटीकोट को कमर तक कर दी और अपने दोनो जङ्हा को फ़ैलाये हुये बोली…. “राहुल मुझे तुम माया समझो, रंड़ी कहो लेकिन मेरी बुर भी उसके तरह ही चाटो ना, अपने जिभ से चोदो ना

(राहुल बुर को चुमा) ठीक है मम्मी लेकिन अभी पापा आ जायेंग़े तो फ़िर कैसे चोद सकुंग़ा

(माया अपने बुर को फ़लका दी) अभी चाटो और देर रात चोदना. ” अब मै मम्मी के दोनो जङ्हा के बिच अपना मुह्न लगा दिया और उनके नितम्ब को सहलाते हुए बुर पर चुम्बन देने लगा! नेहा बुर फ़लकाये खड़ी थी तो मेरा जिभ बुर को कुत्ते की तरह चाटने लगा, उनके मोटे-2 जङ्हा और नितम्ब को सहलाता हुआ उनके गुलाबी बुर मे जिभ पेलने लगा और वो सिसक रही थी ! 4-5 मिनट तक अपनी मम्मी की बुर को जिभ से चोदता रहा, वो चिखने लगी…… “अबे कुत्ते बुर को चुस ना आह्ह इतनी गुदगुदी बुर मे अश्हह्हज चुस ना कुत्ते. ” और मै नेहा की बुर के दोनो फ़ांक को अपने मुह्न मे भरकर चुसने लगा!

नेहा अब मेरे सामने जमीन पर बैठ गयी और मेरे बरमुड़ा को खोल कर खड़े लंड़ को थाम ली, मुझे देखते हुए लंड़ के सुपाड़ा को अपने ओंठ पर रगड़ने लगी और फ़िर सुपाड़ा को अपने ओंठो के बिच लेकर चुसने लगी ! मेरी मम्मी 42 साल. की अवस्था मे भी काम की देवी थी और वो पुरा लंड़ मुह्न मे लिये चुसने लगी और अपनी उंग़ली मेरे झांट मे नचाने लगी ! नेहा 3-4 मिनट तक लंड़ को चुसी और फ़िर मुह्न से निकालकर मेरे लम्बे लंड़ पर जिभ फ़ेरने लगी, उनकी लम्बी जिभ मेरे लंंड़ के सुपाड़ा से लेकर जड़ तक जा रही थी और मुझे काफ़ि मजा आने लगा ! पल भर बाद मेरी मम्मी दुबारा मेरे लंंड़ को मुह्न मे भर ली और मुह्न का झट्का देते हुए मुखमैथुन करने लगी, मेरा लंड़ गरम हो चुका था और मै अपनी मम्मी के मुह्न मे लंड़ पेलने लगा! उनके मुह्न को बैठे-2 अपने लंड़ से चोदने लगा और मेरे लंंड़ का सुपाड़ा उसके गले तक जा रही थी, पल भर बाद मेरी मम्मी जमीन पर से उठ गयी, शाम के 7:15 बज रहे थे और अभी हमदोनो के पास मजे लेने का वक़्त था!

मेरी मम्मी मुझे लेकर अपने बेड़रूम चली गयी, वो अब बेड़ पर लेट्कर मुस्कुराने लगी और मै अब उनके कमर के पास बैठ्कर साड़ी साया को उपर की ओर कर दिया, वो दोनो पैर दो दिशा मे किये लेटी रही और मै उनके बुर के मुहाने पर सुपाड़ा को रखकर धीरे-2 बुर मे धसाने लगा, मम्मी की बुर मे पुरा लंड़ चला गया और मै तेजी से उनकी बुर चोदने लगा! वो मस्त हो रही थी और मै उनके बदन पर सवार होकर बुर चुदाई करता रहा! मेरी चुदक्कर मम्मी अपने गाड़ को उपर निचे करते हुए मेरे लंड़ से चुद रही थी, वो मुझे कसकर पकड़ रखी थी और मेरा लंड़ उनकी चुत मे गरम हो चुकी थी ! वो अपने गददेदार गांड़ उच्हाल कर मजा दे रही थी, पल भर बाद वो बोली…… “ऊह्हह ऊम्मम आह्हह्ह राहुल और तेज चोदो ना मेरी बुर से पानी आने वाला है. ” फ़िर उसकी बुर से रस फ़ेंकने लगा और मै बुर से लंड़ निकाल कर अपना जिभ बुर मे घुसाकर रस चाट्ने लगा !

नेहा अब बिस्तर पर कुत्तिया कि तरह हो गयी और मै उसके साड़ी साया को कमर तक करके अपना लंड़ उसके चुत मे घुसाया और धकाधक चुदाई करता हुआ उसके सिने से लटक्ते चुचि को मसलने लगा जबकि वो अपना भारी भरकम चुत्तर को हिलाने लगा, मेरा लंड़ अपनी मम्मी के बुर मे गरम हो रहा था और 12-14 मिनट तक नेहा की चुदाई करने के बाद चिंख पड़ा….. “ले बे रंड़ी मेरे लंड़ का विर्य पिकर बुर को थंड़ा कर. ” और मेरा लंड़ मम्मी की बुर मे विर्यपात कराकर थंड़ा हो गया तो नेहा मेरे लंड़ को चुसकर विर्य का भी स्वाद ली !

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Linga11

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