Meri Randi Maa Beheno Ki Pariwarik Chudai – Part 1

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम कनन मलिक है और मैं जयपुर का रहने वाला हूँ. यदि आप मेरा परिचय नही पढ़ना चाहते तो आप मेरी कहानी के लिए सीधा अगले परागराफ पर जा सकते हैं. मैं एक लंबे कद का लड़का हूँ और शायद इसीलिए मेरे लंड भी काफ़ी लंबा है करीबन 8 इंच. तोड़ा सा पतला हू लेकिन जिम जाने के बजाह से मस्क्युलर भी हूँ. इस कहानी के अंत में मैं अपनी ईमैल आइडी शेयर करूँगा उम्मीद करता हूँ की आप मुझे मेरी कहानी पर अपने विचार ज़रूर मेल करेंगे. यह कहानी बहुत ही हॉट होने वाली है तो अब आप अपना लंड मुठी मे लेलो और लड़किया अपनी चूम में उंगली डाल लो. कहानी शुरू करते हैं…

मेरा परिवार बहुत ही ज्यदा खुले विचारों वाला है इसमे मैं, मेरे पापा नाम अमरेंद्र उम्र 50 बहुत लंबा चौड़ा आदमी रंग काला. मेरी मम्मी इंदिरा उम्र 48 एकदम गोरी जैसे तमन्ना भाटिया,और शरीर में एकदम मिल्फ जैसे जूलीया एन्न, कद 5’7, भरा पूरा मांसल शरीर, 36द-34-37 का फिगर,एक ऐसी माल औरत जो सिर्फ़ चुदाई के लिए ही बनी हो. वो घर में हमेशा पेटिकोट और ब्लाउस में रहती है. उसके गोरे गोरे पेट पर उसकी गहरी नाभि मेरा लंड खड़ा कर देती है, मैं हमेशा ही उसकी नाभि को छूने की कोशिश करता रहता हूँ. मेरी बड़ी बहेन रेशू उम्र 25 मेरी माँ की तरह ही एकदम गोरी फिगर 33-28-34. रेशू दूसरे शहर में पढ़ती है और एक नंबर की रांड़ है, उसके बहुत सारे बाय्फरेंड्स है और वो उनसे चुदवाति रहती है. एकदिन पापा ने उसको 2 लोगो के साथ नंगा सोता देख लिया था तो वो उसे वाहा से ले आए और अब वो घर पर ही रहती है. छोटी बहेन विंद्रा उम्र 22 एकदम दीपिका पादुकोना फिगर 32-26-32. दोनो बेहेने शॉर्ट्स और टॉप पहेन कर रहती हैं.

बात तबकि है जब मैं 18 साल का था. मैं मम्मी पापा एक ही कमरे में सो रहे थे मम्मी पापा बेड पर और मैं एक चारपाई पर सो रा था. रात के करीब 1 बजे मुझे उई.. उई.. उई.. उई.. की आवाज़ सुनाई दी और मैं जाग गया. मैने मुड़के देखा तो पापा मम्मी के उपर थे और मम्मी को चोद रहे थे, दोनो पूरी तरह से नंगे थे. वो दोनो मिशनरी पोज़िशन में थे मम्मी के पैर फैले हुए थे. मुझे मम्मी की चूत दिखाई दे रही थी और पापा उसमे अपना लंड पेल रहे थे. मम्मी की चूत और उसँके मूह से निकलती हुई सेक्सी आवाज़ो से मेरा लंड खड़ा हो गया. मेने अपना लंड निकाला और मम्मी की चुदाई देखते हुए मूठ मरने लगा. मम्मी की चूत से फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी और उनकी साँसे तेज़ हो रही थी, मैं उनकी चुदाई देखने में खो गया और पापा ने मुझे लंड हिलाते देख लिए. वो मम्मी को बोले की इंदिरा अमित हमारी चुदाई देख रहा है और अपना लंड हिला रहा है. मम्मी ने मुझे देखा और उन दोनो ने चुदाई रोक दी. चुदाई रुकते ही मैने उनकी तरफ देखा और वो मुझे ही देख रहे थे, मैं डर गया. मम्मी को हसी आई और वो उठकर मेरे पास आई और बोली

मम्मी – बेटा तू हमारी चुदाई देख कर लंड हिला रहा था, ये सब ग़लत है.

मैं – सॉरी मम्मी

मम्मी – कोई बात नही अब तेरी उम्र हो गयी है, तेरी उम्र के लड़कों को चूत ना मिले तो वो ऐसे ही मूठ मार मारकर अपनी हवस मिठाते हैं. बिना डरे अब तू मुझे ये बता की तेरा लंड क्या देख कर खड़ा हुआ.

मैं – मम्मी मुझे आपकी चूत दिख रही थी.

मम्मी – अच्छा मेरी चूत तुझे इतनी अच्छी लगी?

मैं – हा मम्मी, मेने पहले भी काई बार आपकी चुदाई देखी है और मूठ मारा है, मेरा भी मान होता है

पापा – यदि तुझे इंदिरा की चूत देखकर चुदाई का मान होता है तो तूने बताया क्यू नही. हमने तुम सबको इतनी खुली छूट दे रखी है, इतना खुला माहौल है फिर भी अब तक तू लंड हिलाके ही काम चला रहा है.

मम्मी – अच्छा चल अब आगे से ऐसा मत करना जब भी मन करे मुझे बता देना मैं चुद लूँगी तेरे से.

मैं ये सुनकर खुस हो गया. मम्मी ने मुझे अपने बेड पर खींच लिया और मेरे सारे कपड़े उतार दिए. मैं घुटनो के बल बेड पर खड़ा था. अब मम्मी मेरा लंड मूह मे लेके चूसने लगी. दोस्तों क्या बताऊ कितना आनंद आ रहा था, जिस औरत को में हमेशा से चोदना चाह रहा था आज वो मेरा लंड चूस रही थी. पापा का हाथ मेरे चुतड़ों पर था और वो मेरा लंड मम्मी के मूह मे धकेल रहे थे.

पापा – इंदिरा कितना चुसेगी अब ज़रा अपने बेटे का लंड अपनी भोसड़ी में तो ले. देख कितना उतावला हो रहा है ये तुझे चोद्ने के लिए.

मम्मी बिस्तर पर लेट गयी. मेने उनकी टाँगे चौड़ा दी और उनकी जांघे चाटने लगा. पापा मम्मी के बूब्स चूस रहे थे. अब मैं मम्मी के उपर लेट गया और उनकी चूत में अपने लंड को सेट किया. मम्मी की छूट बहुत नरम थी और इतने सालों से चुदने के कारण ढीली भी हो गयी थी. मेरा लंड एक ही बार मे उनकी चूत की गहराई में उतार गया.

मम्मी – उई…. शाबास बेटा अब चोद मेरी चूत को.

मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा और मम्मी भी अपनी गान्ड उठा उठा कर मेरा लंड अपनी चूत में लिए जा रही थी. थोड़ी ही देर में मेरा मूठ निकालने लगा और मे मम्मी के पेट और उसकी नाभि में झड़ गया. मम्मी हस्स दी और अपनी उंगली से मेरे मूठ को अपने मूह मे लेने लगी. मम्मी ने मुझे उपर बुलाया और मेरा लंड मूह मे लेके साफ करने लगी. पापा मम्मी के पेट और नाभि पर से मेरा मूठ साफ करने लगे. फिर वो नीचे गये और मम्मी की चूत चाटने लगे. मैं भी मम्मी के उपर उल्टा लेट कर उसकी नाभि में उंगली करके उसे चाटने लगा. मम्मी मेरा लंड चूस रही थी जिसके वजह से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. अब पापा और मेने मम्मी को साथ मे चोदने का प्लान बनाया. पापा बिस्तर पर लेट गये और मम्मी को अपने उपर ले लिया और उनकी छूट मे लंड पेल दिया. मैं मम्मी के पीछे गया और उनके चुतडो की चुम्मि ली और उनकी गान्ड के छेद को चाटने लगा उनकी गान्ड की महक मुझे पागल कर रही थी. थोड़ी देर चाटने और सूंघने के बाद मेने अपना लंड मम्मी की गान्ड में डालने लगा. मेरा लंड मम्मी की गान्ड में आराम से जाने लगा इसका मतलब मम्मी ने पहले से ही अपनी गान्ड मरवा रखी थी. मेने मम्मी की गान्ड मारना चालू कर दिया. अब मम्मी की दोनो छेदो में धमाधम चुदाई हो रही थी. मम्मी के मूह से सिसकारी निकल रही थी मम्मी आ आ उई उई उई…. कर रही थी. थोड़ी देर में मेरा और पापा का मूठ निकलने वाला था. हमने मम्मी को बिस्तर के नीचे घुटनो के बाल बिठाया औरुस्के मूह मे अपना विर्य छोड़ने लगे. वो हम दोनो का पूरा मूठ पी गयी. मुझे हल्की सी पेशाब भी लगी और मेने मम्मी के मूह पर ही मूत दिया. वो खुस हुई और मेरा लंड चाट कर साफ कर दिया. मेने मम्मी को बिस्तर प्र लेटाया और अपनी बाहों मे भर लिया और हम बात करने लगे

मैं – मम्मी केसी लगी मेरी चुदाई?

मम्मी – मज़ा आ गया बेटा. तेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या?

मैं – है एक लड़की जो मुझे लाइन देती है, और मैं भी उसे पसंद करता हूँ. लेकिन मेने उसे बोला नही है.

पापा – तू इंदिरा को चोदने के बारे में काब्से सोच रहा है?

मैं – एक दिन मैंने सुबह मम्मी को नंगा नहाते और कपड़े बदलते देखा था और दुपहर में आपसे चुदते देखा था. उस दिन मैने पहली बार मूठ मारी थी और उसी दिन से मैं मम्मी को चोदने के बारे में सोचता आ रहा हूँ.

मम्मी – अच्छा बेटा तुझे मुझे चुदते देखना इतना पसंद है??

मैं – हा मम्मी आपकी बड़ी बड़ी गोरी गान्ड देख कर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता है. मम्मी आप पापा के अलावा भी और किसी से चुदवाति हो क्या?

मम्मी ने पापा की तरफ देखा और पापा ने मम्मी को स्माइल दी.

मम्मी – अच्छा तो अब मेरा बेटा ये जानना चाहता है की मैं कितनी बड़ी रंडी हूँ?

पापा – तेरी माँ बहुत बड़ी चुदक्कड है बेटा.

मम्मी – हा बेटा मेरी शादी से 3 साल पहले मेरी चुदाई तेरे अकरम(मम्मी के पड़ोसी) नानाजी ने सबसे पहले की थी. उसके बाद उसके बेटे ने भी मुझे चोदा था. उन बाप बेटों ने मिलके मुझे 3 साल तक जमके चोदा. फिर शादी के बाद तेरे पापा ने मुझे खुद चोदा है.

पापा – बेटा तू मेरे दोस्त अनिल और बसीम को तो जनता ही होगा. इंदिरा को मेने उन दोनो से भी चुदवाया है.

मैं – अच्छा तो मम्मी परसो आप अनिल अंकल के घर गयीं थी तो क्या आप…….???

मम्मी – हा बेटा उस रात महेंद्र की पत्नी वरखा नही थी तो उसने मुझे चुदने के लिए बुला लिया था.

मैं – वाह मम्मी, यदि मैं अपने दोस्तों को लाउ तो क्या आप उनसे भी चुदोगि??

मम्मी – हाँ बेटा ज़रूर चुदुन्गि. बस ऐसे विश्वासपात्र दोस्त लाना जो इस बात को छुपा कर रख सके और हमारी बदनामी भी ना हो.

मैं – थॅंक यू मम्मी आप बहुत अछी हो. पापा क्या आपने भी मम्मी के अलावा किसी और को चोदा है?

पापा – हा बेटा, जब तू कॉलेज चला जाता है तब मैं और रेशू भी रोज़ चुदाई करते है.

मैं शॉक्ड हो गया की पापा अपनी बेटी और मेरी बहेन को भी चोदते हैं.

मम्मी – बेटा तू शॉक्ड मत हो तेरी बहेन तो है ही रंडी उसे अपनी चूत में लंड लिए बिना चैन कहाँ आता है. अनिल और बसीम भी रेशू को चोद चुके हैं. तू भी चोद लेना उसे.

मेरा मन ख़ुसी से भर गया की अब मैं भी रेशू दीदी की चुदाई करूँगा. और इस ख़याल ने मेरा लंड फिर से खड़ा कर दिया. मेने मम्मी की टाँगे फैलाई और उनकी चूत में अपना मूसल घुसा दिया और उनकी एक बार फिर से ताबड़तोड़ चुदाई कर दी फिर मैं और मम्मी स्मूच करने लगे. उसके बाद हम तीनो नंगे ही बिस्तर पर सो गये.

सुबह रेशू दीदी मुझे जगाने आई, मैं उस समय पूरा नंगा था. मम्मी पापा पहले ही उठ चुके थे और सयद उन्होने रेशू दीदी को सबकुछ बता दिया था. रेशू ने मुझे गाल पर गुड मॉर्निंग चुम्मि दी और मेरे खड़े लंड को अपने हाथ मे लेकर हिलने लगी. मेने उसे गले से पकड़कर अपने उपर खींच लिया और उसके होंठ चूसने लगा. क्या बतौ दोस्तो क्या मीठे मीठे पतले लिप्स थे उसके, हम 10 15 मिनिट तक एकदुसरे के होंठ चुसते रहे. वो मुझे कस के पकड़ रही थी। मैने भी मौका न गवाते हुए उसको अपने पास सुलाया और धीरे-धीरे उसके सारे कपडे निकाल दिए. अब उसका गोरा नाजुक बदन मेरे सामने था. ऐसा लग रहा था कि उसको खा जाऊँ और उसकी गांड दबाने लगा. फिर मैंने अपना लंड धीरे धीरे रेशु की फ़ुद्दी में डालने लगा. मैंने धीरे- धीरे अपने लंड को आगे-पीछे करने लगा. अब उसे भी मज़ा आने लगा . वो मुझे जोर से, कस के पकड़ रही थी. मेरे होंठ को अपने होठ से दबा रही थी। उसकी फुद्दी अब चिकनी हो चुकी थी और लंड भी सटासट उसके अन्दर फिसल रहा था. अब उसकी मादक आवाज…. उफ्फ्फ….इस्स्स्स….आआहाअह्ह्ह…. मुझे और उत्तेजित कर रही थी. अचानक उसका बदन ऐंठने लगा. वो जोर –जोर से कहने लगी- जान….जाने मुझे क्या हो रहा है….मुझे संभालो…..  मुझे क्या हो रहा है…..अआह्ह्ह….और चोदो मुझे आआह्ह्ह्ह.. अब वो झड़ चुकी थी। पर मेरा अभी बाकी था। मैंने उसे काफी देर तक चोदा और फिर झड़ते समय अपना लंड बाहर निकाला और उसके मूह मे दे दिया. रेशू मेरा लंड बड़े ही स्वाद के साथ चाट रही थी. वो बिल्कुल किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी जिससे मेरा लंड एक बार फिर से रेशू की चुदाई करने के लिए खड़ा हो गया. मेने रेशू दीदी को उठाया और कहा- चल कुतिया बन जा.. हम ‘डॉगी-स्टाइल’ में करते हैं। जैसे ही वो कुतिया बनी… मेने एक ही झटके में उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। मेरा पूरा जिस्म हिल गया.. मेरा 8 इंच का लंड मेरी बहेन चूत में था। मैंने दोनों हाथ से रेशू के मम्मे पकड़ लिए और झटके देने शुरू कर दिए। पहले 2-3 धीमे झटकों के बाद मेने ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू किया, रेशू दीदी के मुँह से सिसकारियों की बारिश हो रही थी। दीदी चुदते हुए कह रही थी- आहह भाई.. रहम मत खाओ मेरी चूत पर.. फाड़ दो मेरी चूत.. फिर मेने उसे 25 मिनट तक वैसे ही चोदा.. वो तो दो बार झड़ गई थी, फिर मेने अपना लंड निकाल लिया और कहा- झुको.. वो समझ गई कि मैं क्या करना चाहता हूँ. मेने रेशू की कमर कस कर पकड़ी और और अपना मोटा लंड उसकी गाण्ड पर रख कर थोड़ा थूक लगाया और धक्का मारा। मेने एक ही धक्के में अपना 8” लंबा लंड रेशू की गाण्ड में पेल दिया था। उसकी चीख निकल गई.. मेने एक हाथ से उसका मुँह पकड़ लिया और दूसरे से उसके दूध भींच लिए और कहा- साली कुतिया की बच्ची.. आज तुझे ऐसी जन्नत मिलेगी.. जो किसी ने कभी नहीं दी होगी।

रेशू ने कहा- हाँ.. बहनचोद चोदो मुझे.. चोद-चोद कर रंडी बना दो मुझे… एम्म.. अहह.. हन..

उसने अगले 15 मिनट तक मेने दीदी की गाण्ड मारी.. फिर लंड निकाल कर रेशू को पकड़ा दिया, और उसका सिर पकड़ कर अपने लंड के पास लाया.. मैंने अपना लंड अपने हाथ में लेकर रेशू के मुँह में डाल लिया। मेरा लंड बहुत गरम हो गया था और रेशू कुतिया की तरह मेरा लंड चाट रही थी और चूस रही थी। करीब 5 मिनट तक लंड चाटने के बाद मेरा गरम-गरम वीर्य निकला.. जिसे रेशू ने पानी की तरह पी लिया और मेरे लंड को चाट कर साफ़ किया। रेशू की धकापेल चुदाई के बाद में बिस्तर से उठा और बातरूम की तरफ चल दिया.

अगले पार्ट मे पढ़े केसे मेने मेरी माँ बहेन को चोदा और विंद्रा दीदी ने ये सब देख लिया. फिर विंद्रा की किस तरह से चुदाई हुइ. तब तक आपको मेरी कहानी केसी लगी ये मुझे मैल करके फीडबॅक ज़रूर दें. मेरी मैल अड्रेस – [email protected] मुझे आपके मेल्स का इंतजार रहेगा तथा मुझे और कहानी लिखने की प्रेरणा मिलेगी.

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